पंडित सीताराम शास्त्री बीएड महाविद्यालय में बुधवार सुबह 11 से 12 बजे तक अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपराजिता कार्यक्रम का विषय व्यक्तित्व विकास रखा गया। कार्यक्रम में 60 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. दीपक कुमार ने शिरकत की। कार्यक्रम में बड़े भाई साहब किताब का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को व्यक्तित्व विकास के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि व्यक्तित्व विकास एक प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति सचेत प्रयासों और आत्म-जागरूकता के माध्यम से अपने विचारों, व्यवहारों, कौशल और चरित्र को निखारता है, ताकि वह अधिक आत्मविश्वासी, प्रभावी और सामाजिक रूप से अनुकूलनीय बन सके, अपनी पूरी क्षमता को प्राप्त कर सके और जीवन की चुनौतियों का सामना कर सके। हमें अपने जीवनकाल में यह नहीं सोचना चाहिए कि व्यक्तित्व विकास केवल शारीरिक वेशभूषा तक ही सीमित हो। इसके विचार, व्यवहार, कौशल, चरित्र जैसे आयाम होते है। जिनको पाकर व्यक्ति अपने जीवन में व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बेहतर रिश्ते बना सकता है। आयाम जीवन की चुनौतियों और तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाता है। लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने में सहायक है।