समाज के हाशिए पर रहने वाले मंगलामुखी समुदाय ने भिवानी से एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने ममता और स्वीकार्यता की नई परिभाषा गढ़ी गई है। वीरवार को भिवानी में खुशी और जश्न का माहौल बना, जब मंगला मुखी समाज ने नवजात बच्चे के सवा महीने का होने पर पूरे विधि-विधान के साथ कुआं पूजन किया। यह उत्सव केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं था, बल्कि उन संकीर्ण विचारधाराओं को करारा जवाब था जो मंगला मुखी बच्चों को तिरस्कार की दृष्टि से देखते हैं। मंगला मुखी समाज की भिवानी से की गई प्रदेश की अनूठी पहल है, जिसमें इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व मंगला मुखी समाज की महंत बुलबुल ने किया। शहर के जीतूवाला जोहड़ स्थित मंगला मुखी समाज आश्रम से शुरू हुआ यह उत्सव ढोल-नंगाड़ों की थाप और मंगल गीतों के साथ कृष्णा कॉलोनी स्थित स्वर्ग आश्रम तक पहुंचा। नाचते-गाते समुदाय के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि हर बच्चा ईश्वर का रूप है और उसका स्वागत उसी भव्यता से होना चाहिए जैसा किसी भी अन्य बच्चे का होता है। इस दौरान आश्रम में हवन एवं नामकरण कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। इस मौके पर महंत बुलबुल ने समाज की कड़वी सच्चाई को साझा करते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि मंगला मुखी बच्चे के जन्म लेते ही उसके प्रति समाज और परिवार की विचारधारा संकीर्ण हो जाती है। कई बार तो जन्म से ही उनका शोषण शुरू हो जाता है। हमने भिवानी से एक मुहिम शुरू की है कि यदि किसी के घर मंगला मुखी बच्चा पैदा होता है, तो उसे लावारिस छोडऩे या प्रताडि़त करने के बजाय हमें सौंप दें। हम उसका पालन-पोषण अपनी संतान की तरह करेंगे। महंत बुलबुल ने कहा कि आश्रम केवल इन बच्चों को छत ही नहीं दे रहा, बल्कि उनके भविष्य की नींव भी रख रहा है। महंत ने बताया कि आश्रम में रह रहे बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार दिए जा रहे हैं। लक्ष्य साफ है, इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩा ताकि वे भविष्य में एक सफल और संस्कारवान नागरिक बन सकें। बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें उनके सपनों को उड़ान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परंपरा के अनुसार कुआं पूजन जैसी रस्म आमतौर पर पुत्र जन्म पर प्रमुखता से देखी जाती थीं, लेकिन मंगला मुखी बच्चे के लिए इसका आयोजन समानता का प्रतीक है। भिवानी के मंगला मुखी समाज की यह संवेदनशीलता बताती है कि परिवार खून से नहीं, बल्कि प्यार और स्वीकार्यता से बनता है। इस अवसर पर नवजात को महंत खुशी, तनीषा, तेजशिया, काजल, सोना, मन्नत, मीनाक्षी, रेखा, रचना, रेशमा सहित सभी महंतों ने अपना आशीर्वाद दिया।