राजस्व विभाग की ओर से शनिवार को जमीन से संबंधित इंतकाल और म्यूटेशन के लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष शिविर लगाने का दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ। छावनी और सिटी के तहसील कार्यालय में शिविर नहीं लगने के कारण दूर से आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अधिकारियों ने पटवारियों की ड्यूटी गांव में होने का तर्क देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जबकि लोग घंटों तक अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे। अधिकारियों के नहीं आने के बाद परेशान होकर वापस चले गए। इसके साथ ही अंबाला सिटी की तहसील भी बंद पड़ी रही और लोग परेशान होते रहे।