संवाद न्यूज एजेंसी, नारायणगढ़। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे करने की मांग को लेकर किसानों और मजदूरों ने बारिश के बीच एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों व युवाओं के समर्थन में उतरे प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मजदूर संगठन सीटू के राज्य सचिव सतीश सेठी, रमेश नन्हेंड़ा और बीकेयू (टिकैत) के युवा राज्य प्रधान चमन गुज्जर व जिला प्रधान श्रृंगारा सिंह की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्रित हुए। सीटू नेता सेठी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि संसद मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ना बर्बरता है। प्रदर्शनकारियों ने पेपर चोरों-गद्दी छोड़ो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और सोनम वांगचुक को रिहा करने के नारे लगाए। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की विफलताओं और पेपर लीक को देखते हुए शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाए। एनटीए को रद्द कर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लिया जाए। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। प्रदर्शन से पूर्व कम्युनिटी हॉल में सभा कर दादरी में सीटू नेताओं की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की गई। साथ ही सढोरा के पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर सतपाल राणा, संजीव नेहरा, कर्मवीर तुरका और साहिल शहज़ादपुर सहित कई नेता मौजूद रहे।