किसान आंदोलन के चलते प्रशासन ने एक बार फिर सीमावर्ती गांवों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इस पाबंदी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर दुकानदारों और युवाओं को सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से उनका दैनिक जीवन बाधित हो गया है। दुकानदारों ने शिकायत की है कि डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन ऑर्डर जैसे कामकाज पूरी तरह ठप हो गए हैं। वहीं, छात्र और युवा ऑनलाइन क्लास, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से दूर हो गए हैं।