हिमाचल प्रदेश में टिकट वितरण के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी को अंतर्विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही दोहराव गुजरात में नहीं देखने को मिले। इसके लिए भाजपा फूंक फूंक कर कदम रख रही है। सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, टिकट न पाने वाले नेताओं की वजह से पार्टी को चुनाव में नुकसान नहीं हो इसके लिए भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक की शरण ले ली है। टिकट वितरण के बाद अगर कोई नेता नाराज होता है तो संघ के कार्यकर्ता घर जाकर उसे मनाएंगे। उन्हें पार्टी की अहमियत और उससे अलग होने के नफा नुकसान समझाएंगे।