शुक्रवार को एक समाज के छात्रों ने अपने प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। ये आरोप लगाते हुए सवर्ण समाज के छात्रों ने शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। लॉ फेकेल्टी में छात्रों के समूह ने एक-दूसरे के बीच अपनी बातें रखीं। कहा, हम अपने अधिकार की आवाज उठाते हैं और आर्टिकल 14 की बात करते हैं तो उन लोगों को दिक्कत होती है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन से हम सभी अपनी बात और अपना पक्ष सामने रखेंगे। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में उन्होंने घूमघूम कर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (आर्टिकल 14) को मौलिक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार (समानता का अधिकार) के रुप में छात्रों के सामने रखते हुए अपनी बात कही। उनका कहना था कि अनुच्छेद 14 यह सुनिश्चित करता है कि कानून की नज़र में सब बराबर हैं और समान परिस्थितियों में समान व्यवहार किया जाए।