बैसाखी के पावन पर्व पर जटाशंकर गुरुद्वारा में निशान साहिब की सेवा और चोला बदलने की परंपरा धूमधाम से निभाई गई। निशान साहिब चोला की सेवा के बाद शब्द कीर्तन किया गया। आमतौर पर, इस अवसर पर सुबह निशान साहिब का पूजन किया जाता है, अखंड पाठ का समापन होता है, और कीर्तन व लंगर का आयोजन किया जाता है। ऐसे ही पूरे दिन विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।