नई दिल्ली। राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का जोर पेट्रोल-डीजल वाहनों को हटाकर बैटरी चलित वाहनों को लाने पर है जिससे हवा साफ होगी। हालांकि इस कवायद से दिल्ली-एनसीआर की सड़कों को जाम से मुक्ति नहीं मिलेगी। जानकारों का भी मानना है कि जब तक ठोस डी-कंजेशन रोडमैप तैयार नहीं होता तब तक गाड़ियों में ईंधन का विकल्प बदलने से सड़कों को राहत नहीं मिलेगी। दिल्ली की असली जरूरत डी-कंजेशन रोडमैप की है, जिसमें सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने पर फोकस हो, न कि केवल उन्हें इलेक्ट्रिक में बदलने पर।