मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन निर्माण स्थल पर इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। खास बात यह है कि यह 12.377 किलोमीटर लंबा इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर पूर्ण रूप से भूमिगत होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि विकसित दिल्ली की आधारशिला है। इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर परियोजना में पहले दिन सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन पर डायफ्राम वॉल निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इस कॉरिडोर पर इंद्रलोक, दया बस्ती, सराय रोहिल्ला, अजमल खां पार्क, झंडेवालान मंदिर, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, दिल्ली सचिवालय-आईजी स्टेडियम और इंद्रप्रस्थ सहित कुल 10 आधुनिक भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर हो जाएगी। इसके बाद यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी। साथ ही इस लाइन पर सबसे अधिक इंटरचेंज और भूमिगत स्टेशन होंगे।सात मेट्रो लाइनों से मिलेगा सीधा इंटरचेंज कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सात प्रमुख लाइनों से जुड़कर राजधानी की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। इंद्रलोक स्टेशन पर रेड लाइन एवं ग्रीन लाइन, नबी करीम पर मैजेंटा लाइन, नई दिल्ली स्टेशन पर येलो लाइन एवं एयरपोर्ट एक्सप्रेस (ऑरेंज लाइन), दिल्ली गेट पर वायलेट लाइन और इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर ब्लू लाइन से इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।