शहर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में उद्योग जगत में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बॉयरल के ऑपरेशन के तरीकों और रख-रखाव के तरीकों की उचित जानकारी न होने के चलते बॉयलर फटने के मामलों में इजाफा देखा गया है। इन्हीं को कम करने के लिए राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद ने यूपीभर के 60 से अधिक प्रतिभागियों के साथ मंथन शुरू किया। परिषद, कानपुर के सहायक निदेशक आयुष्मान शुक्ला के अनुसारआजकल देखा गया है कि बॉयरल फटने के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। इससे सिर्फ उद्योग को ही नहीं बल्कि उनमें कार्य करने वाले सैकड़ों कर्मचारी भी प्रभावित होते हैं। आर्थिक रूप से भी हानि पहुंचती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इनमें कमी लाने के लिए आज सेक्टर 31 स्थित निजी होटल में परिषद की ओर से बॉयलरों के कुशल संचालन एवं अनुरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जहां मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी यूपी के करीब 60 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिन्हें बॉयलर को संचालित करने के सही तरीकों, उनके नियमित रख-रखाव और इंडियन बॉयरल एक्ट 2025 एक्ट के नियमों के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के डीपीआईआईटी अंतर्गत सेंट्रल बॉयलर निदेशालय यूपी और परिषद के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।