बारिश के बाद मिली राहत की भीषण गर्मी ने छुट्टी कर दी है। अधिकतम तापमान एक बार फिर 40 डिग्री के पास पहुंच गया है। धूप लोगों को झुलसा रही है। ऐसी स्थिति में डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ गए हैं। उल्टी-दस्त के मरीज पहले से अधिक पहुंच रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में 10 बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड के साथ ही इलाज संबंधी अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत ने बताया कि हीट स्ट्रोक के मरीज कम आ रहे हैं लेकिन उल्टी और दस्त के साथ डिहाइड्रेशन के मरीज अधिक आ रहे हैं। गर्मी की वजह से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। यही नहीं, कुछ मरीजों का ब्लड प्रेशर भी हाई हो रहा है। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि अबतक एक ही मरीज इलाज के लिए आया है जिसे दो दिन तक भर्ती करके इलाज किया गया है और तबीयत ठीक होने पर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है। हीट स्ट्रोक का मरीज शरीर 106 डिग्री तापमान के साथ आया था और हालत बहुत नाजुक थी। डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि मरीज को जब हीट स्ट्रोक होता है तो उसके इलाज के दौरान एयर कंडीशन, बाथटब, आईसपैक आदि रखना होता है, क्योंकि तबीयत गर्मी की वजह से बिगड़ी होती है। हमारे पास मरीज के लिए एयर कंडीशनर एंबुलेस की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा बाथटब की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां पर आईसपैक से स्पंजिंग करते हैं, ऐसे में मरीज को ठंडक से काफी राहत मिलती है। इसके अलावा वार्ड में पूरा सेंट्रल एसी है इसलिए गर्मी नहीं रहती है।