सेक्टर-102 स्थित सलारपुर गांव की हालत लगातार खराब होती जा रही है। पीएम मोदी के कार्यालय से 30 किलोमीटर दूरी पर बसा यह गांव आज बदहाली के आंसू रो रहा है। प्रधानमंत्री की अधिकतर योजनाओं से पूरा गांव वंचित है। सलारपुर गांव अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने गांव की बदहाली की समस्याएं बेबाकी से सामने रखीं। उन्होने कहा, यहां मूलभूत सुविधाओं में सड़क, पानी और बिजली की आपूर्ति भी सुचारु नहीं है। कई साल पुरानी सीवर लाइन खराब होने लगी है। इस वजह से यहां की गलियों में कई-कई दिनों तक सीवर का पानी भरा रहता है। गांव में अब तक गंगाजल नहीं पहुंचा है। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बताया, कई साल पुरानी पड़ी सीवर लाइन बढ़ती आबादी के कारण जवाब देने लगी हैं। सफाई कर्मचारी सिर्फ दिखावा करके चले जाते हैं। महीनों नालों की सफाई नहीं होने से जाम रहता हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में न तो पार्क है और न ही कोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम यहां जुलाई में आए थे। उन्होंने भंगेल एलिवेटेड हाइवे के नीचे वाली रोड बनाने का वादा किया था। आज तक वह भी अधूरा है।