बिसरख कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन बुकिंग के बाद कार को लेकर भागने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया हैं। उनके पास से थार बरामद की हैंं। आरोप है कि एक आरोपी ने अपने दोस्त के मोबाइल से कार को बुक किया था, लेकिन दोस्त को इसकी जानकारी नहीं दी और स्वयं कार लेकर फरार हो गया। तीनों आरोपी थार को बेचने की तैयारी कर रही थे, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही तीनों को दबोच लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया हैं। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि इकोविलेज वन सोसाइटी निवासी अक्षय शर्मा अपनी थार को किराए पर देते हैं। कार उनकी पत्नी सलोनी पांडेय के नाम हैं। 24 जनवरी को उन्होंने बिसरख कोतवाली में मामला दर्ज कराकर जानकारी दी कि 23 जनवरी को एक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सूर्यकांत नाम के एक युवक ने थार को बुक किया था, लेकिन थार को लेने जतिन नाम का युवक पहुंचा था। थार को दो घंटे के लिए बुक किया गया था। जिसका किराया 1800 रुपये था। शिकायत पर पुलिस ने जांच कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान बलवीर नगर शाहदरा निवासी प्रशांत ठाकुर, बुलंदशहर के पाली बमरोली गांव निवासी विनय सिरोही और देहरादून के सेलाकुओ निवासी जतिन वाेइश के रूप में हुई हैं। विनय इस समय गोविंदपुरम गाजियाबाद में रह रहा था। पूछताछ में पता चलना है कि तीनों गिरोह बनाकर किराए पर कार लेकर उसे बेच देते थे। कार की बुकिंग किसी अन्य के नाम से कराते थे। डीसीपी ने बताया कि सूर्यकांत आरोपी जतिन के साथ एक कमरे में रहता था। दोनों डिलीवरी ब्वाय का काम करते हैं। आरोपी जतिन ने सूर्यकांत के मोबाइल से कार की बुकिंग की थी, लेकिन इसकी जानकारी सूर्यकांत को नहीं लगी। विनय भी उनके साथ रहता था। जबकि तीसरा आरोपी प्रशांत इन कार को बेचने का काम करता था। पूर्व में भी तीनों आरोपी इसी तरह एक कार को बेच चुके हैं। आरोपी प्रशांत ने थार को भी बेचने का सौंदा कर दिया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के पास से थार को बरामद कर लिया हैं। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया हैं।