ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जीवन रक्षक हृदय ऑपरेशन के माध्यम से दो जटिल बाल हृदय रोग मामलों में नवजात और सात वर्षीय बच्चों का सफल उपचार कर उनकी जान बचाई है। ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल के पीडियाट्रिक कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डॉ. वीरेश महाजन ने प्रेसवार्ता में बताया कि उनकी टीम द्वारा किए गए समय पर और अत्यंत जटिल हृदय ऑपरेशनों ने दो बच्चों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि टीम ने 20 दिन के नवजात और सात वर्ष के बच्चे का जीवन रक्षक हृदय ऑपरेशन कर उन्हें जन्मजात हृदय बीमारी से राहत दिलाई है। डॉ. महाजन के अनुसार, 20 दिन के नवजात को जन्म के कुछ दिनों बाद सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी और उसकी त्वचा नीली पड़ने लगी। जांच में सामने आया कि बच्चे को डी-ट्रांसपोज़ीशन ऑफ द ग्रेट आर्टरीज नामक जन्मजात हृदय रोग है, जिसमें हृदय की मुख्य धमनियां गलत तरीके से जुड़ी होती हैं और शरीर तक ऑक्सीजन युक्त रक्त सही ढंग से नहीं पहुंच पाता। वहीं, दूसरे मामले में सात वर्षीय बच्चे को सिंगल वेंट्रिकल फिजियोलॉजी से जुड़ी सायनोटिक जन्मजात हृदय बीमारी पाई गई। बच्चे की पहले एक पेलिएटिव सर्जरी हो चुकी थी, लेकिन समय के साथ थकान बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी के लक्षण गंभीर हो गए, जिसके चलते आगे की सर्जरी आवश्यक हो गई। प्रेसवार्ता के दौरान निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश, सीनियर कंसल्टेंट, सीओओ एवं फैसिलिटी निदेशक डॉ. सुनील कुमार बलियान तथा यथार्थ ग्रुप के सीईओ अमित सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने चिकित्सकीय टीम के समन्वय, आधुनिक सुविधाओं और समय पर लिए गए निर्णयों को इन सफलताओं का प्रमुख कारण बताया।