दिवाली के मौके पर घर जाने वालों की खासा भीड़ बसों में दिखाई दी। सेक्टर-35 मोरना डिपो हो या सेक्टर-37 ट्रांसपोर्ट प्वाइंट, दिन भर यहां पर लोगों का तांता लगा दिखाई देता रहा। बस में बैठने की होड़ में लोग धक्कामुक्की करते दिखाई देते दिखे। रोडवेज की बसों के अलावा प्राइवेट बसों में भी लोगों सीट प्राप्त करने के लिए जद्दोजहद करते दिखे। मोरना डिपो की बसों ने कई अतिरिक्त फेरे भी लगाए लेकिन घर जाने के लिए दिन भर मारा-मारी दिखाई दी। जहां आमतौर पर रोडवेज की बसों में 35 हजार लोग प्रतिदिन सफर करते हैं यह संख्या मंगलवार को बढ़कर 50 हजार के अधिक पहुंच गई। अहम है कि नोएडा डिपो की 161 बसों को डिपो से 16 अलग-अलग रूटों पर चलाया गया था। मंगलवार सुबह से ही लोगों की भीड़ डिपो पर पहुंचना शुरू हो गई। देखते ही देखते दोपहर तक भीड़ बढ़ती चली गई। वहीं शाम के समय हालात असामान्य होते दिखाई दिए। बस में बैठने के लिए लोग धक्कामुक्की करते दिखे। हर रूट की बस को भरने में केवल पांच मिनट का ही समय लगा। आलम यह रहा कि डिपो पर बसों की कमी महसूस होती दिखी। वहीं कई बसों के लिए यात्री इंतजार भी करते दिखे। लखनऊ जाने के लिए कई यात्रि डिपो पर खड़े दिखाई दिए लेकिन उन्हें समय से बस न मिलने के कारण उन्हें कई समय तक इंतजार करना पड़ा। बाद में जब कौशांबी डिपो की बस पहुंची तो उन्हें कुछ राहत मिल पाई। वहीं बदांयू, हाथरस, नजीफाबाद, समेत कई रूटों पर जाने के लिए लोगों को बसों का इंतजार करना पड़ा।