मां बनने की खुशी कई कामकाजी महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन रही है। जिले में कई निजी कंपनियां गर्भवती होने की जानकारी मिलते ही महिला कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं या फिर उन्हें मैटरनिटी लीव देने से इनकार कर रही हैं। ऐसे मामलों में महिलाएं अब श्रम न्यायालय का दरवाजा खटखटा रही हैं। पिछले एक साल में जिले के श्रम न्यायालय में ऐसे 42 मामले पहुंचे, जिनमें महिलाओं ने नौकरी बचाने और अपने अधिकारों के लिए शिकायत दर्ज कराई।