फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रेटर नोएडा: सालेपुर गांव में शराब के ठेकों के खिलाफ ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन

Rahul Kumar Tiwari Updated Fri, 29 May 2026 07:10 PM IST

ग्रेटर नोएडा के सालेपुर गांव की आबादी के बीच खुले शराब के ठेकों को बंद कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांव में शराब की बढ़ती बिक्री और खुलेआम सेवन के कारण पिछले करीब दो महीनों में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग अभी भी गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब के ठेकों के चलते युवाओं और मजदूर वर्ग में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। ठेके संचालक दिन व रात में खराब की ब्रिकी कर रहे हैं। इससे गांव के निवासी आर्थिक और सामाजिक संकट में फंसते जा रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि शराब के कारण घरों में आए दिन झगड़े हो रहे हैं और कई परिवार पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि गांव का माहौल खराब होता जा रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। भारतीय किसान यूनियन बलराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता विपिन खारी ने कहा कि खराब शराब का सेवन करने से बीते दो महीने में गांव में दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई हैं। वहीं, करीब छह लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। अगर जल्द ही गांव और आसपास के क्षेत्र से शराब के ठेके नहीं हटाए गए तो उनकी ओर से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गांव में चल रहे शराब के ठेकों को तत्काल बंद कराने, अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने और शराब सेवन से हुई मौतों की निष्पक्ष जांच नहीं की जाएगी। तब धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा रिक्सवाल, प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव, प्रदेश प्रवक्ता सौरभ भाटी, वेद प्रकाश, अजय बीडीसी आदि का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर कार्रवाई चाहिए, ताकि गांव में लगातार बिगड़ रही स्थिति पर रोक लग सके।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें