कक्षा एक व दो के बच्चों के रटे-रटाए पूर्व ज्ञान में समझ विकसित करने तथा विद्यार्थियों के भाषायी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु एक प्रयास किया है। एक पिटारा तैयार किया है, जिसमें बच्चों के परिवेश से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं को शामिल किया गया है। इस गतिविधि में बच्चे किसी अक्षर की पहचान कर उसकी ध्वनि से संबंधित वस्तुओं को पिटारे से निकालते हैं। उदाहरण के लिए, क अक्षर के लिए कंघा, कंचा आदि वस्तुओं को पहचानते हैं। इस प्रकार बच्चे अक्षरों और ध्वनियों को अपने आसपास की वस्तुओं से जोड़कर सहजता एवं समझ के साथ सीखते हैं। बच्चे रुचिपूर्ण ढंग से अपने परिवेश से जुड़कर सीख रहे हैं। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में गतिविधियों को शामिल करने से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ी है। विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। यह प्रयास बच्चों के सीखने को अधिक प्रभावी, आनंददायक एवं स्थायी बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। - कल्पना, प्राथमिक विद्यालय जैतपुर-वैशपुर