सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय के अधिवक्ता बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे। इस दौरान वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अदालत की ओर से वादकारियों को नई तारीख दी गई है। जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना को लेकर अधिवक्ताओं की लंबे समय मांग चली आ रही है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर तत्काल निर्णय की मांग रखी है। करीब 50 वर्ष बीत जाने के बाद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश विशेषकर मेरठ मंडल के जिलों को हाईकोर्ट खंडपीठ नहीं मिल सकी है। इससे लाखों वादकारियों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और न्याय महंगा व कठिन बन जाता है। वर्षोें के दौरान यह मुद्दा कई बार उत्तर प्रदेश विधान सभा में उठ चुका है। वहीं विभिन्न सरकारों के समय संसद में भी प्रस्ताव और बहस का विषय रहा है। बावजूद हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर न तो उत्तर प्रदेश सरकार और न ही केंद्र सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय लिया। जिससे वादकारियों के साथ अधिवक्ता समाज में भी व्यापक असंतोष है। भारतीय संविधान की मूल भावना सस्ता और सहज न्याय उपलब्ध कराना है। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल करेगी बल्कि आर्थिक और समय संबंधी बोझ कम करेगी। यह मांग अब जनमानस के धैर्य की सीमा पार कर रही है और जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेताया कि यदि मांग अनसुनी रहती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर बार के सचिव अजीत मौजूद रहे।