ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के मामले सबसे हाई रिस्क पर माने गए गौतमबुद्ध नगर में 1 अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक 380 मरीज एचआईवी से संक्रमित पाए गए हैं। इसमें से 108 मरीज राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेटंर (आईसीटीसी) पर हैं। इसके अलावा इनमें 7 गर्भवती महिलाएं और तीन छात्र भी शामिल हैं। 4 मामले ऐसे भी जिनमें संक्रमण टैटू के कारण हुआ है। एक दिसवंबर विश्व एड्स दिवस के अवसर पर यह जानना प्रासंगिक है कि इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। जिले में चार आईसीटीसी सेंटर है। इनमें एक सेक्टर-39 जिला अस्पताल में, एक दादरी सीएचसी पर, एक जिम्स में और एक भंगेल में है। जिम्स आईसीटीसी के प्रमुख डॉ. नवनीत सक्सेना कहते हैं कि नॉको की रेटिंग में गौतमबुद्ध नगर हाई रिस्क ऐरिया में है। सभी 380 मरीज एआरटी से लिंक है। इसके अलावा जगह-जगह कैंप लगाकर मरीजों को चिह्नित करने, उनको इलाज के दायरे में लाने, दवा और निरोधक उपाय वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा सूचना विभाग की टीम की ओर से सोनल ठाकुर की टीम जिले में भी जगह-जगह जाकर नुक्कड़ नाटक करती है। बसेरा संस्था की पायल भी जिले में काउंसलिंग कर रही हैं।