ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में नए साल से दिल के मरीजों को अब जनपद में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। नए साल में कैथ लैब का शुभारंभ होगा। इस कैथ लैब के खुलने से अब दिल के रोग से संबंधित जटिलताओं का इलाज मरीजों को मिल सकेगा। खासकर एंजियोप्लास्टी (दिल के छल्ले डालना) और एंजियोग्राफी (दिल की नसों की जांच) इस कैथ लैब में होगी। यह जानकारी जिम्स के निदेशक डॉ सौरभ श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने कहा कि नए साल में मरीजों को कई सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसके साथ ही एचआइवी एड्स के मरीजों को मेरठ और गाजियाबाद नहीं जाना होगा। अस्पताल में जनवरी से एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर की शुरुआत हो जाएगी। इसके शुरू होने से जनपद व आसपास के मरीजों को सुचारू रूप से इलाज मिल सकेगा।