नॉलेज पार्क कोतवाली में शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट और शारदा यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ द्वारा फैमिली डिस्प्यूट रेजोल्यूशन क्लिनिक (एफडीआरसी) का चौथा स्थापना दिवस मनाया गया। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कहा कि साल-2024 में एफडीआरसी को 210 मामले प्राप्त हुए। जिनमें से 161 मामलों का समाधान किया गया। केवल 11 मामलों में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि एफडीआरसी विवादों को हल करने का एक प्रभावी मंच बन गया है। परिवारों के टूटने का प्रभाव केवल दंपत्ती पर ही नहीं, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है। एफआईआर करना पुलिस के लिए आसान है, लेकिन परिवारों को जोड़ना महत्वपूर्ण कार्य है। आपसी समझ से विवादों को टाला जा सकता है। पारिवारिक विवादों को सुलझाने में उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। सेंटर का उद्देश्य पारिवारिक और वैवाहिक विवादों को सुलझाना और समाज में शांति एवं स्थिरता बनाए रखना है। यह केंद्र सप्ताह में दो दिन संचालित होता है, जहां कानूनी विशेषज्ञ, प्रोफेशनल काउंसलर और मनोविज्ञान के विशेषज्ञ परिवारों और दंपत्तियों को परामर्श प्रदान करते हैं। एफडीआरसी न केवल कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक समर्थन देकर समाज को सशक्त बनाने में भी मदद करता है। यह केंद्र घरेलू हिंसा, दहेज और अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़े मामलों को सुलझाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजय कुमार, डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार, शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर पीके गुप्ता, वइस चांसलर शिवराम खारे और स्कूल ऑफ लॉ के डीन ऋषिकेश दवे मौजूद रहे।