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युवराज मेहता को इंसाफ कब?: चीखें थमीं, सवाल जिंदा हैं, एक माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

Tue, 17 Feb 2026 08:09 AM IST
विजय पुंडीर बिलाल, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित मोड़ के पास पानी से भरे बेसमेंट में कार सहित डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अबतक गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं, न्याय की उम्मीद के इंतजार में आस लगाए बैठे युवराज के पिता राज कुमार मेहता अपनी पुत्री के साथ लंदन (यूनाइटेड किंगडम) चले गए हैं। इस कारण युवराज के घर पर ताला लगा है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने जल्द वापस आने की बात कही है।

एटीएस ले ग्रैंडियोस सोसाइटी के समीप टी प्वाइंट के पास 16 जनवरी की रात युवराज की कार अनियंत्रित होने के बाद गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर जा गिरी थी। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस, दमकल टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कई घंटे बाद युवराज को तालाब से निकालकर कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य के साथ प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। शासन स्तर से जांच के लिए समिति बनाई गई थी। जिसे पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी।

घटना के एक माह व एसआइटी जांच पूरी होने 20 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने के साथ गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से परिजन, पड़ोसी संशय में है। वहीं शोक सभा के बाद से युवराज के पिता, परिजन और दोस्तों ने मीडिया से दूरी बना रखी है।

टूटे नाले की दीवार अबतक नहीं बनवाई, धंस रही सड़क
नोएडा प्राधिकरण की ओर से हादसे के बाद घटना स्थल पर बैरिकेड, क्रैश बीम बैरियर, लेन मार्किंग, रिफ्लेक्टर आदि लगाकर सुरक्षा के इंतजाम किए गए है। साथ ही प्लॉट के पास मुख्य सड़क के किनारे पौधे भी लगाए गए हैं। मगर टूटे हुए नाले की दीवार को अबतक नहीं बनवाया गया है। इस कारण नाले का पानी खाली प्लॉट में भर रहा है। पानी भरने से यहां जलस्तर घटने के बजाए बढ़ रहा है। प्राधिकरण की ओर से घटना के बाद नाले से सटी दीवार के पास मिट्टी डलवाई गई है। यहां मिट्टी की सही ढंग से भराई नहीं होने के कारण धस रही है। इससे यहां नाले से सटे दीवार के पास गड्ढा हो गया है। यहां बेसहारा पशु पूरे दिन घूमते रहते हैं। इस कारण इनके खाली प्लॉट और नाले में गिरने की संभावना बनी रहती है।

युवराज मेहता मामले में कब क्या हुआ 16 जनवरी- सेक्टर-150 एटीएस ले ग्रैंडियोस सोसाइटी के समीप टी-प्वाइंट के पास युवराज मेहता की कार कार गहरे नाले की दीवार तोड़ते हुए पानी से भरे बेसमेंट में करीब 70 फीट दूर करीब 30 फीट गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई गई थी।
  18 जनवरी- मृतक युवराज के पिता राजकुमार मेहता की तहरीर पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने लोटस ग्रीन व एमजेड विजटाउन के खिलाफ बीएनएस की धारा-105, 106(1), 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया। प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ डॉ लोकेश एम ने सड़क पर सुरक्षा इंतजाम न मिलने पर नोएडा ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की थी।
  19 जनवरी- शासन ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को हटाकर प्रतीक्षारत किया। जांच के लिए एसआईटी का गठन। शासन स्तर से मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर के नेतृत्व में जांच के लिए एसआईटी गठित। वहीं सदस्य मंडलायुक्त आगरा भानु गोस्वामी, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी अजय वर्मा शामिल हैं। इसी दिन युवराज की कार तालाब से निकाली गई।
  20 जनवरी- एमजेड विजटाउन बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर अभय कुमार को 20 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर और सेक्टर-150 के घटना स्थल पर पहुंची। इस दौरान पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, डीएम मेधा रूपम भी मौजूद रही।
  21 जनवरी- पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व विजटाउन के मालिकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया। मामले में बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा व निर्मल के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल प्रदूषण निवारण अधिनियम व बीएनएस की धारा 290, 270, 125 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
  22 जनवरी- पुलिस ने रवि बंसल निवासी फरीदाबाद हरियाणा व सचिन करनवाल निवासी गाजियाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
  24 जनवरी- सेक्टर-150 टाटा यूरेका पार्क में युवराज मेहता की शोक सभा आयोजित की गई। जिसमें पड़ोसियों, जनप्रतिनिधियों और परिजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
  25 जनवरी- एसआआईटी की जांच पूरी। पांच दिन दिनों तक चली जांच में 150 लोगों के बयान दर्ज किए गए। इनमें पुलिस, प्रशासन, प्राधिकरण, दमकल, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डिलीवरी ब्वॉय और चश्मदीन के बयान दर्ज किए।
  27 जनवरी- जांच रिपोर्ट शासन और सीएम योगी आदित्यनाथ सौंपी की गई।
  30 जनवरी- लोटस ग्रीन के कर्मचारी रवि बंसल और सचिन करनवाल को गौतमबुद्धनगर की सीजेएम कोर्ट से जमानत मिली।
  5 फरवरी- एमजेड विजटाउन बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर अभय कुमार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली।
  14 फरवरी- युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता अपनी पुत्री के साथ लंदन गए।

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