नोएडा सेक्टर-40 स्थित राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीआईडी) में बृहस्पतिवार को क्रॉस डिसएबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (सीडीईआईसी) शुरू हुआ। इसमें विकासात्मक विलंब और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को मल्टी-डिसिप्लिनरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें ऑक्युपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, मेडिकल परामर्श, विशेष शिक्षा, फैमिली काउंसलिंग और स्कूल रेमेडीज शामिल हैं। यह देश का 28वां सीडीईआईसी है। इसका उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने कहा, मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। उन्होंने निर्देश दिया कि पेशेवरों और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह केंद्र न केवल सौंदर्य की दृष्टि से बल्कि तकनीक, संसाधन और विशेषज्ञता के स्तर पर भी एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए। माता-पिता और परिवार सबसे महत्वपूर्ण संसाधन होते हैं, क्योंकि हस्तक्षेप के बाद बच्चे का अधिकांश समय घर पर बीतता है। अपर सचिव मनमीत कौर नंदा ने देशभर में सीडीईआईसीएस के विस्तार की जानकारी देते हुए मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराई और नए केंद्र से उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया। जन्म-6 वर्ष की आयु में अर्ली इंटरवेंशन बच्चों के जीवन भर के विकास की नींव रखता है। अर्ली इंटरवेंशन के माध्यम से जोखिमग्रस्त या दिव्यांगता व विकासात्मक देरी से प्रभावित शिशुओं व छोटे बच्चों को विशेष सहायता और सेवाएं प्रदान की जाएगी। वहीं, मंत्री और अधिकारियों ने मॉडल स्पेशल एजुकेशन सेंटर, मॉडल इन्क्लूसिव प्राइमरी स्कूल, मोबाइल थेरेपी बस का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम का समापन पौधरोपण के साथ हुआ।