दो दशक पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भले ही इकोटेक-3 स्थित डेरीन को स्मार्ट गांव घोषित कर दिया गया हो लेकिन अब तक ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली हैं। रोजाना नई-नई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 24 साल बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी हैं। ग्रामीण बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं। सीवर लाइन को कई वर्ष बाद शुरू किया गया, लेकिन सीवर लाइन के पाइप काफी छोटे हैं। आए दिन ओवर फ्लो होने पर सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता हैं। किसान कोटे के भूखंड लगा दिए, लेकिन वहां पर सड़क व नाली की सुविधा नहीं दी हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को सेक्टर इकोटेक-3 स्थित डेरीन गांव में ग्रामीण संवाद आयोजित किया। जहां ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को रखा।