सामुदायिक भवन नहीं होने के कारण 1904 परिवारों को शादी या अन्य किसी कार्यक्रम करने के लिए दूसरे सेक्टरों का रुख करना पड़ता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से जंगल में सेक्टर को बसा दिया गया। निवासियों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए कि हर सुविधाएं उन्हें मुहैया कराई जाएंगी, लेकिन उनको धोखा मिला। इन सब मुद्दों को रविवार को सेक्टर म्यू-दो के निवासियों ने अमर उजाला संवाद में उठाया। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में किसी भी प्रकार की कोई बाजार नहीं है। निवासियों को छोटे से छोटा सामान लेने के लिए करीब चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करके जाना पड़ता है।