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VIDEO : अब फूलों की दुकानों पर बिक रहे प्लास्टिक के फूल... कीमत असली से कम

दिवाली पर सजावट के लिए फूलों का बहुतायत में प्रयोग होता रहा है। गुरुग्राम के फूल बाजार में पीले नारंगी गेंदे, सफेद गुलदाउदी, अशोक के पत्ते और देशी लाल गुलाब के फूल तो लाए गए हैं मगर फूलों की दुकानों में गेंदे के फूलों की लड़ियों से ज्यादा प्लास्टिक से बने गेंदे के फूलों की लड़ियां नजर आ रही हैं। इन कृत्रिम गेंदे की लड़ियों को देखकर आप धोखा खा सकते हैं कि यह असली है या नकली। गेंदे का रंग नीला, लाल और सफेद नहीं हो सकता मगर इन लड़ियों में ये रंग भी है। लोग इसे खूब खरीद रहे हैं। कृत्रिम फूल पहले भी सजावट के लिए खरीदे जाते थे मगर फूलों की दुकानों में ये नहीं मिलते थे। अब फूल वाले असली फूलों की साथ नकली फूल भी बेच रहे हैं, जो पर्यावरण की दृष्टि से उचित नहीं समझे जा सकते। असली फूल पूजा और सजावट के बाद नष्ट होकर प्रकृति से साथ मिल जाते हैं। प्लास्टिक के फूलों के बहुतायत मात्रा में प्रयोग से त्योहार के बाद प्लास्टिक कूड़े में वृद्धि होगी और यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है। पर्यावरण प्रदूषण को लेकर यह चिंता का विषय हो सकता है। प्लास्टिक की लड़ियों की कीमत प्राकृतिक गेंदे की लड़ियों के लगभग बराबर ही है। दुकानदारों ने बताया कि गेंदे के प्राकृतिक फूलों की कीमत 180 से 200 रुपये प्रतिकिलो है। जबकि कृत्रिम गेंदे की एक लड़ी 30 रुपये में मिल रही है। प्राकृतिक गेंदे के एक किलो फूल से तीन से चार लड़ियां बनाई जा सकती हैं। लोग लंबे समय तक टिकाऊ होने के कारण प्लास्टिक के फूलों की लड़ियों को तरजीह दे रहे हैं।

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