लगातार बढ़ते डीजल और पेट्रोल के दामों का असर अब सीधे व्यापार और बाजारों पर दिखाई देने लगा है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने माल ढुलाई के रेट बढ़ा दिए हैं, जिससे विभिन्न कंपनियों ने अपने उत्पादों के दामों में इजाफा करना शुरू कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम कारोबारियों पर पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि पहले जहां सीमित खर्च में माल की ढुलाई हो जाती थी, वहीं अब ट्रांसपोर्ट पर पहले से कहीं ज्यादा राशि खर्च करनी पड़ रही है। गुरुग्राम के बाजारों में रोजमर्रा के सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, फर्नीचर और खाद्य उत्पादों की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। व्यापारी बताते हैं कि माल ढुलाई की लागत बढ़ने के कारण कंपनियां अतिरिक्त बोझ सीधे बाजार पर डाल रही हैं। इससे दुकानदारों के सामने मुनाफा बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि सामान के दाम बढ़ाते हैं तो ग्राहक नाराज होते हैं और बिक्री प्रभावित होती है, जबकि पुराने रेट पर सामान बेचने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई कारोबारियों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में ट्रांसपोर्ट चार्ज में 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसका असर छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है।