मिलेनियम सिटी में तेजी से बढ़ रही बाइक टैक्सी सेवा अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। शहर में हजारों लोग रोजाना बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर बाइक टैक्सी चालक यात्रियों को जो हेलमेट देते हैं, वे मानक के अनुसार नहीं होते। कई हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए रखे जाते हैं, जिनकी कीमत 100 से 150 रुपये तक होती है और उनमें सुरक्षा के जरूरी मानक नहीं होते। शहर के कई इलाकों में बाइक टैक्सी चालक सस्ते और हल्के हेलमेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन हेलमेट में न तो सही लॉकिंग सिस्टम होता है, न मजबूत बॉडी और न ही आईएसआई मार्क। ऐसे में दुर्घटना होने पर यह हेलमेट यात्रियों की जान बचाने के बजाय केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि बाइक टैक्सी चालक अक्सर गंदे, टूटे हुए या ढीले हेलमेट देते हैं। कई बार हेलमेट का शीशा टूटा होता है, स्ट्रैप खराब होती है और अंदर की गद्दी भी निकल चुकी होती है। मजबूरी में यात्री वही हेलमेट पहनकर सफर करते हैं क्योंकि उनके पास दूसरा विकल्प नहीं होता।