गुरुग्राम। हरिद्वार और गंगोत्री से आए पवित्र गंगाजल से कांवड़ियों ने शिवालयों में शिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिरों में हर-हर महादेव, बम-बम भोले के जयकारे लगते रहे। डाक कांवड़ समूह नाचते गाते मंदिरों तक पहुंचा। ऐसे समूह का लक्ष्य 24 घंटे के भीतर हरिद्वार या गंगोत्री से इच्छित शिवालय तक पहुंचाना होता है। एक तरह की पोशाक में डाक कांवडिय़ों ने मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंचे और मंदिर जयकारे से गूंज उठे। बाबा प्रकाशपुरी मंदिर, प्राचीन घंटेश्वर मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर, कादीपुर स्थित बाबा रतन दास मंदिर, अखंड परम धाम गुफा वाले मंदिर, न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन मंदिर, ओल्ड रेलवे रोड स्थित प्रेम मंदिर, सेक्टर 9 ए स्थित गौरी शंकर मंदिर, सेक्टर 10 ए स्थित कृष्ण मंदिर समेत शहर के शिवालयों में भगवान शिव कांवड़ चढ़ाई गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बाबा प्रकाशपुरी मंदिर में काफी संख्या में कांवड़ और डाक कांवड़ चढ़ाई। मंदिर में काफी संख्या में भक्तों ने जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया था। हजारों की संख्या में भक्तों ने यहां भंडारा प्रसाद प्राप्त किया। मंदिर के बाहर शिवरात्रि का मेला लगा था, जहां बच्चों के झूले, मिट्टी खिलौन, गुल्लक, सिंदूर, शृंगार सामग्री, भगवान की मूर्तियों के अलावा खाने-पीने की चीजों के स्टॉल लगे थे। शिवरात्रि का मेला ओल्ड रेलवे रोड स्थित प्रेम मंदिर में भी लगा था। इस मंदिर में भी काफी संख्या में कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। मंदिर में कांवड़िया शिविर लगाया गया था। घंटेश्वर मंदिर में दोपहर तक डाक कांवड़ियों का समूह जलाभिषेक के लिए करीब 12 बजे पहंचा। इस टीम में सचिन, अर्जुन, गौरव, क्रिश, निक्कू, मुकेश, पुनीत, सुमित, मैंगो, हरिओम, आशीष, राजन और नीरज शामिल थे। सिद्धेश्वर में शिवरात्रि के रुद्राभिषेक में काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सेक्टर 4 स्थित श्री कृष्ण मंदिर और श्री राम मंदिर में शिव महापुराण और भजन कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।