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शाम होते ही हो जाता ब्लैकआउट, रातभर आती धमाकों की आवाज, पठानकोट एक दंपती पहुंचा अपने गांव

भारत-पाकिस्तान के बीच जारी युद्ध जैसे हालात के बीच अब बोर्ड से सटे इलाकों में रह रहे परिजनों को लेकर जिलेवासियों को चिंता भी सताने लगी है। हालांकि, भारतीय सेना ने जिस प्रकार से पाकिस्तान के हमलों का करारा जवाब दिया है, उससे लोगों में खुशी है और वह सुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं। फिर भी परिवार को लेकर लोगों में चिंता रहती ही है। इस बीच गांव श्यामनगर में एक दंपति पठानकोट से अपने गांव लौटे हैं। वहीं, हर दिन रिश्तेदारों से फोन कर उनका हालचाल भी जान रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए शनिवार की सुबह अपने घर पहुंचे गांव श्यामनगर निवासी कपिल त्यागी ने बताया कि वह पठानकोट के पास कठुआ में एक पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी में फैक्टरी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वह पत्नी प्रीति त्यागी के साथ पठानकोट में रहते हैं। सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर जो कार्रवाई की, उसके बाद आठ मई की रात से पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, मिसाइल और अन्य हमले किए जा रहे हैं। यह हमले आमजन पर हो रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान के हमलों का कोई असर आमजन पर नहीं पड़ रहा है। भारतीय सुरक्षा प्रणाली ने हवा में ही पाकिस्तान की मिसाइल, ड्रोन को तबाह कर दिया। उन्होंने बताया कि सेना ने पूरा सुरक्षा घेरा वहां बनाया हुआ है। शाम से ब्लैक आउट हो जाता है, पूरी रात धमाकों की आवाज आती है, जो असहज करती हैं। इससे सभी लोग परेशान हो रहे थे। इसलिए जिनके पास वहां से सुरक्षित निकलने का मौका है, वह निकल रहे हैं। इसमें कंपनियां भी सहयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नहीं वहां आतंकी सेना है।

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