भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में इतिहास रच दिया। श्रीलंका के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबले में मंधाना ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो इससे पहले महिला क्रिकेट में कोई खिलाड़ी हासिल नहीं कर सकी थी। मंधाना ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 11 हजार रन पूरे कर लिए और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। खास बात ये रही कि इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें सिर्फ 13 रन चाहिए थे, लेकिन मंधाना ने महज 10 गेंदों में ये आंकड़ा पार कर दिया।
मंगलवार, 22 सितंबर को एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट फाइनल में भारत और श्रीलंका आमने-सामने थे। मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत ही बेहद आक्रामक रही। पारी की शुरुआत करने उतरीं स्मृति मंधाना ने पहले ही ओवरों से श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
मंधाना को अपने इंटरनेशनल करियर के 11 हजार रन पूरे करने के लिए सिर्फ 13 रनों की जरूरत थी। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 10 गेंदों में ये लक्ष्य हासिल कर लिया। सुगंधिका कुमारी की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मंधाना ने अपने 11 हजार इंटरनेशनल रन पूरे किए और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
इस उपलब्धि के साथ मंधाना महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में 11 हजार रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। उनका ये रिकॉर्ड टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल, तीनों फॉर्मेट के रनों को मिलाकर बना है।
मंधाना के करियर की बात करें तो तीनों फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 9 मैच खेले हैं और **788 रन** बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 5 अर्धशतक निकले हैं।
वनडे क्रिकेट में मंधाना का रिकॉर्ड और भी प्रभावशाली है। उन्होंने 120 वनडे मैचों में 5,411 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 14 शतक और 35 अर्धशतक लगाए हैं।
वहीं टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भी मंधाना लगातार भारतीय टीम की अहम बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने 178 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 4,788 रन बनाए हैं। इस फॉर्मेट में उनके नाम 2 शतक और 36 अर्धशतक दर्ज हैं।
यानी टेस्ट, वनडे और टी20- तीनों फॉर्मेट में मंधाना ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है और अब 11 हजार इंटरनेशनल रनों का आंकड़ा पार करके उन्होंने महिला क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।
एशियन गेम्स के फाइनल में भी मंधाना का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने शेफाली वर्मा के साथ भारतीय पारी को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। शेफाली वर्मा ने 29 गेंदों पर 48 रन की तेज पारी खेली।
दूसरी तरफ मंधाना ने भी अपनी तूफानी बल्लेबाजी जारी रखी। वह 45 गेंदों पर 79 रन बनाकर आउट हुईं। उनकी पारी में 5 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। मंधाना की इस पारी ने भारत को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 216 रन बनाए, यानी गोल्ड मेडल मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने 217 रनों का लक्ष्य रखा।
इस तरह एशियन गेम्स के फाइनल में स्मृति मंधाना ने सिर्फ भारतीय टीम के स्कोर को मजबूत नहीं किया, बल्कि अपने नाम एक ऐसा इंटरनेशनल रिकॉर्ड भी दर्ज कर लिया, जो महिला क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद किया जाएगा।