भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में आठ विकेट से शानदार जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। बुधवार को गुवाहाटी के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने मैच को वनडे क्रिकेट के यादगार मुकाबलों में शामिल कर दिया। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कैरेबियाई टीम की ओर से जॉन कैम्पबेल, शाई होप और आमिर जांगू ने शानदार शतक जड़े। इन तीनों की आक्रामक पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहली बार वनडे क्रिकेट में 400 रन का आंकड़ा पार किया और भारत के सामने 406 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए शानदार साझेदारी करते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित शर्मा ने तेजतर्रार शतक लगाकर भारतीय पारी की नींव मजबूत की, जबकि शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए दोहरा शतक जड़ दिया। गिल की पारी में शानदार स्ट्रोक प्ले, संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संयोजन देखने को मिला। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने 400 से अधिक के लक्ष्य को भी भारतीय टीम के लिए आसान बना दिया।
रोहित के आउट होने के बाद भी भारत की रन गति पर कोई असर नहीं पड़ा। गिल ने पारी को आगे बढ़ाते हुए दोहरा शतक पूरा किया और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। उनके साथ बल्लेबाजी करने वाले भारतीय बल्लेबाज ने भी जरूरी योगदान दिया। भारतीय टीम ने महज 43.3 ओवर में दो विकेट खोकर 406 रन बना लिए और लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह भारत ने अपने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि वेस्टइंडीज ने जहां 405 रन बनाकर अपना अब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर खड़ा किया, वहीं भारत ने उसी मैच में उससे भी बड़ा लक्ष्य हासिल कर नया इतिहास रच दिया। गुवाहाटी का यह मुकाबला बल्लेबाजी के लिहाज से बेहद खास रहा, क्योंकि दोनों टीमों ने मिलकर 800 से अधिक रन बनाए। भारत की इस जीत में शुभमन गिल का दोहरा शतक और रोहित शर्मा का शतक निर्णायक साबित हुआ। लगातार दूसरे मुकाबले में जीत के साथ भारत ने सीरीज पर कब्जा जमा लिया है।