कांकेर जिले में बीते कुछ दिनों से चल रहे गांव के तनाव को देखते हुए ग्रामीणों द्वारा एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव के लोगों ने फैसला लिया कि जिन लोगों ने अपना मूल धर्म छोड़कर विशेष समुदाय को अपनाया है, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही उनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापार या लेनदेन नहीं किया जाएगा।
बता दें कि बीते कुछ दिनों से कांकेर जिले में धर्मांतरण को लेकर गांव-गांव में तनाव बना हुआ है। कभी शव दफन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका या प्रार्थना सभा को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ग्राम बाड़ाटोला में धर्मांतरित 14 परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का ताजा मामला सामने आया है। धर्मांतरित परिवारों ने इस संबंध में चारामा एसडीएम से शिकायत की है।
शिकायत के बाद जांच टीम भी गांव पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक धर्मांतरित लोग अपने मूल धर्म में वापसी नहीं करते, तब तक उन पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने यह भी तय किया है कि जो व्यक्ति धर्मांतरित परिवारों के साथ सहयोग या कोई काम करेगा, उस पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसके बाद से गांव में धर्मांतरित परिवारों के साथ किसी प्रकार का लेनदेन नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि धर्मांतरित लोगों ने खुद को गांव की पारंपरिक रीति-रिवाजों से अलग कर लिया है, जिसके चलते उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।