मनेन्द्रगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर वनांचल क्षेत्र जनकपुर में शिक्षा जगत को शर्मसार करने का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक प्रिंसिपल के साथ दो शिक्षकों ने मिलकर एक नाबालिक छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके अलावा वन विभाग का एक कर्मचारी भी इस पूरे मामले में शामिल रहा। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक शासकीय स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को देवगढ़ के हाई स्कूल के प्रिंसिपल अशोक कुमार, शिक्षक कुशल सिंह परिहार, रावेन्द्र कुशवाहा ने एक वन कर्मी के साथ मिलकर जनकपुर के आदर्श कॉलोनी में एक किराए के मकान में नाबालिक छात्रा को ले गए और सभी ने बारी बारी से नाबालिक को अपनी हवस का शिकार बनाया। जब पीड़िता ने इस बात की जानकारी लोगों को देने की बात कही तो आरोपियों उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। साथ-साथ यह भी कहा कि अगर इस बात की जानकारी किसी को दोगी तो जान से मार देंगे। डरी सहमी बालिका कुछ दिनों तक चुप रही लेकिन उसके बाद उसने घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।