छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने एक बार फिर बिजली के दामों में वृद्धि कर जनता की जेब पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि डेढ़ साल के भीतर साय सरकार ने चौथी बार बिजली महंगी की है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों की कमर टूट रही है। नई दरों के अनुसार घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू खपत पर 25 पैसे और कृषि पंपों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। कांग्रेस ने इसे जनविरोधी फैसला करार देते हुए कहा है कि पहले ही बिजली कटौती, खाद-बीज की किल्लत और महंगाई से परेशान किसान अब और संकट में फंसेंगे। कांग्रेस ने तुलना करते हुए कहा कि रमन सरकार के 15 सालों में बिजली दर 3.30 से 6.40 रुपए तक पहुंची, जबकि कांग्रेस सरकार में 5 वर्षों में केवल दो पैसे की नाममात्र वृद्धि हुई थी। वहीं भाजपा की वर्तमान सरकार के डेढ़ साल में ही बिजली दरों में 80 पैसे यानी 13% की बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने नेताओं और अधिकारियों की बकाया बिजली बिल की वसूली आम जनता से कर रही है। बिजली चोरी, लाइन लॉस और अडानी कंपनी से महंगे कोयले की खरीद का बोझ भी उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है। स्मार्ट और प्रीपेड मीटर के नाम पर मनमाने बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे जनता त्रस्त है। कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है और जनता से सड़कों पर उतरने की अपील की है।