मधुसुदन की पत्नी पीड़िता अनुषा गुप्ता ने बताया कि 13 सितंबर को शादी के बाद से वह अपने पति के साथ उत्तराखंड में रह रही थी। इसके बाद उसके सास-ससुर ने उन्हें घर बुलाया, तब दोनों पांच जनवरी को दिल्ली पहुंचे। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से दोनों बिलासपुर जा रहे थे। इसी बीच डोंगरगढ़ से रायपुर के बीच मधुसुदन उसे अकेले छोड़कर चला गया। इसके बाद पीड़िता ने मधुसुदन के भाई को फोन किया तो उसने उसे और उसके माता-पिता को मारने पीटने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि मधुसुदन के परिजनों ने उन्हें अपने गांव टिनमिनी बुलाया। आठ जनवरी की शाम चार बजे के आसपास जब वे लोग टिनमिनी पहुंचे तो वे लोग गाड़ी से उतर ही नहीं पाये थे कि उन्होंने बाल खींचकर गाड़ी से नीचे उतारकर उसके गर्भवती होने के बावजूद उसके साथ कई घंटे तक मारपीट की।