छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले बरसात के मौसम में जहां किसान धान की रोपाई में जुटे हैं, वहीं खाद की किल्लत ने भी उन्हें परेशान कर दिया है। इसी समस्या को लेकर आज सुबह धनागर गांव के सैकड़ो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे उक्त मार्ग में आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक जिले में बारिश शुरू होते ही किसानों के द्वारा रोपाई का काम किया जा रहा है। इस दौरान उन्हें समय पर डीएपी खाद नही मिल पाने से उन्हें फसल नुकसान होनें का खतरा भी मंडरा रहा है। बार-बार सोसायटी के चक्कर लगाने के बावजूद खाद नही मिल पाने से नाराज धनागर गांव के ग्रामीणों ने आज 9 बजे से चक्काजाम शुरू कर दिया। ग्रामीणों के इस आंदोलन की जानकारी मिलते ही खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के समर्थन में चक्काजाम में बैठ गए। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासनीक और पुलिस मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। लगातार पिछड़ रहे किसान गांव के किसान अरविंद पटेल ने बताया कि डीएपी खाद नही मिल पाने के कारण उन्हें बहुत परेशानी हो रही है। रोपा तैयार हो जाने के बावजूद उन्हें अभी तक एक बोरा डीएपी खाद नशीब नही हो पाया है। खाद नही मिल पाने के चलते गांव के किसान लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर एक सप्ताह के भीतर उन्हें खाद नही मिलता है पूरा फसल चैपट हो जाएगा। उमेश पटेल ने सरकार पर लगाये आरोप खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि किसानों को बहुत परेशानी हो रही है। खाद की जितनी डिमांड है उसका 20 प्रतिशत तक सोसायटी में पहुंचा है, जिसे किसान आपस में बांट भी नही पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक तरह का षड़यंत्र लगता है उन्हें आने वाले समय में जिस तरह से 18-19 सौ में उन्होंने धान का नीलामी किया। जिससे उन्हें बहुत घाटा हुआ है और इसी वजह से सरकार किसानों के उत्पादन का कम करना चाह रही है, ताकि धान खरीदी कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को खाद की समस्या सिर्फ धनांगर में ही नही बल्कि सभी जगह है। उमेश पटेल ने कहा कि इस समस्या को लेकर जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है। सोसायटी में नही है पर्याप्त स्टाक रायगढ़ तहसीलदार शिव कुमार डनसेना ने बताया कि धनागर गांव के किसानों के द्वारा डीएपी खाद की मांग की जा रही थी और यहां पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद नही था। यहां 5 बोरी डीएपी था और 6 बोरी मंगाई गई है। जिसके बाद खाद वितरण करने निर्देशित किया जाएगा। साथ ही साथ बिचैलियों पर भी नजर रखी जा रही है।