महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में 22 मार्च को हुए रोप-वे हादसे में दो लोगों की जान चली गई है। दो घायलों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने एक टीम का गठन किया है।
कांग्रेस द्वारा गठित इस टीम ने बुधवार को खल्लारी माता मंदिर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने हादसे की वास्तविक वजहों को जानने का प्रयास किया। जांच कमेटी के संयोजक खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मीडिया से बात की।
उन्होंने बताया कि वोल्टेज सही न मिलने के कारण रोप-वे का संचालन जनरेटर से हो रहा था। विधायक ने जनरेटर की क्षमता की जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अनुभवी टीम को हटाकर कम अनुभवी स्थानीय टीम से संचालन कराया जा रहा था। रोप-वे संचालन में नियमित रखरखाव और आवश्यक चेकलिस्ट का पालन नहीं किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि ट्रॉली के तार में स्टील की जगह रस्सी का उपयोग हुआ था। यह घोर लापरवाही को दर्शाता है। जांच टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।
द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा पर्याप्त नहीं है। घायलों को 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि भी कम है। कांग्रेस राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की मांग करती है। घायलों का मुफ्त इलाज और उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए। उन्होंने रोप-वे के तार में रस्सी के उपयोग को बड़ी लापरवाही बताया।
जांच कमेटी का गठन प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर हुआ था। इसमें खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव संयोजक हैं। सरायपाली विधायक चातुरीनंद, पूर्व प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला और बागबाहरा जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर भी शामिल हैं। टीम ने पहाड़ी के नीचे स्थित रोप-वे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने तार टूटने से गिरी ट्रॉली और स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली।