महासमुंद जिले में संचालित 1957 प्राइमरी,मीडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में युक्तियुक्तकरण के बाद अब शिक्षा विभाग के उन शिक्षकों की मुसीबत बढ़ गई है, जो सालों से एक ही जगह पर अपने पहुंच, संबंधों और पावर का इस्तेमाल कर मन चाहे स्कूलों पर जमे हुए बैठे थे। युक्तियुक्तकरण से जिले के ऐसे 700 शिक्षकों को अपना बोरिया बिस्तर समेटना पड़ा है। इन अतिशेष शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण के बाद नवीन पदस्थापना देते हुए अन्य स्कूलों में पदस्थ कर दिया है, साथ ही कलेक्टर महासमुंद ने आदेश को तत्काल प्रभावशील करते हुए शिक्षकों को स्कूलों में अपनी ज्वाइनिंग आदेश दे दिया है। यदि शिक्षक अपने वर्तमान पदस्थापना स्कूल में जॉइनिंग नहीं देते हैं तो उन पर शासन के आदेश की अवहेलना करने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत विभागीय गाज भी गिर सकती है। इस संदर्भ में आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ एस.आलोक, जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे ने प्रेसवार्ता लेकर युक्तियुक्तकरण के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर विनय कुमार ने बताया कि, राज्य शासन द्वारा विद्यालयीन शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित, बेहतर और समावेशी बनाने शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर लंगेह ने प्रेसवार्ता में बताया कि, शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित करना है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस प्रक्रिया के तहत ऐसे विद्यालयों की पहचान की जा रही है, जहां शिक्षकों की संख्या अधिक है, और उन्हें उन विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा जहां शिक्षकों की कमी है। उन्होंने बताया कि, जिले में 15 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 316 शालाएं एकल शिक्षकीय थे। वहीं 01 पूर्व माध्यमिक शाला शिक्षक विहीन और 01 एकल शिक्षकीय था। कलेक्टर ने बताया कि, जिले में प्राथमिक स्कूलों में 535 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 272 शिक्षकों की आवश्यकता थी। जिसमें से 700 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। जिले में प्राथमिक शालाओं में 444 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 146 शिक्षक अतिशेष था और हाई/हायर सेकेण्डरी से 110 अतिशेष व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान कुल 700 अतिशेष शिक्षक संवर्ग को समायोजित किया गया। इस तरह जिले में 17 शालाओं का समायोजन किया गया है, जबकि 1957 स्कूलों में 1940 से स्कूल यथावत संचालित होंगे। जिसमें 1265 प्रायमरी, 489 मीडिल, 61 हाई स्कूल और 125 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल है।