कबीरधाम जिले में बुधवार को महिला सशक्तिकरण की दिशा में नारी शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कवर्धा के वीर सावरकर भवन में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य गुरुवार से शनिवार तक होने वाले विशेष संसद सत्र और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व को रेखांकित करना था।
रश्मि विजय शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू हुई हैं। इन योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण हुआ है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं और अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करता है। इससे महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी का अवसर मिलेगा। यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही, अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।
पोषण पखवाड़ा की शपथ
कार्यक्रम के दौरान पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत उपस्थित महिलाओं को शपथ दिलाई गई। यह शपथ कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण, संतुलित आहार अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए थी। कार्यक्रम में पौष्टिक व्यंजनों की एक आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें संतुलित आहार और पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
खेल सामग्री की प्रदर्शनी
सम्मेलन में आंगनबाड़ी केंद्रों में तैयार की गई खेल सामग्री की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी शैक्षणिक और मनोरंजक सामग्रियाँ प्रस्तुत की गईं। यह बच्चों के सीखने और खेलने के महत्व को दर्शाती है। प्रदर्शनी ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यह पहल बच्चों के विकास में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को उजागर करती है।