हिंदू नव वर्ष के स्वागत में कवर्धा शहर भक्ति और उत्साह के रंगों में डूबा रहा। बीते दिन कवर्धा समेत पूरे जिले में कई भव्य आयोजन हुए। देर रात तक लोग शोभायात्रा में शामिल हुए, जिससे पूरा शहर उत्सवमय माहौल में रहा।
एकता चौक में सांस्कृतिक संध्या और भारत माता की महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन करीब 21 वर्षों की पुरानी परंपरा से जुड़ा है। अब यह कवर्धा की एक महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है। सनातनी युवाओं ने समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और गौरव की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की थी। समय के साथ इस आयोजन का स्वरुप लगातार भव्य होता गया।
आज यह हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है। शहर के चौक-चौराहों को भगवा ध्वज और तोरण से सजाया गया था। घर-घर में भी भगवा पताकाएं लहराती नजर आईं। इन सजावटों ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। यह उत्सव शहरवासियों के लिए विशेष महत्व रखता है।
समिति सदस्य चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि इस वर्ष की शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों में श्रीराम दरबार, हनुमान और माता रानी की सुंदर झलकियां शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, लेजर शो और अन्य आधुनिक प्रस्तुतियां भी आयोजन को खास बनाईं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने इन झांकियों का खूब आनंद लिया।
कवर्धा में इस बार का हिंदू नव वर्ष उत्सव भव्यता, आस्था और सांस्कृतिक एकता का अनूठा उदाहरण बना। शहरवासियों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा गया। यह आयोजन स्थानीय संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पर्व लोगों को एक साथ आने और अपनी विरासत का जश्न मनाने का अवसर देता है। इस उत्सव ने पूरे शहर में एक सकारात्मक और एकजुटता का संदेश फैलाया।