छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में महिला की हत्या के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने छह दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रंजीत धनुहार (49 वर्ष), निवासी ग्राम कैथा, थाना हसौद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के खुर्सुला-बकलीपाली के जंगल से घेराबंदी कर पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
खेत में मिला था महिला का शव
पुलिस के अनुसार, ग्राम कैथा निवासी अनिल विश्वकर्मा ने 23 अक्टूबर को हसौद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उसी दिन सुबह करीब 7 बजे उनकी बुआ लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा (46 वर्ष) का शव रामलाल कश्यप के खेत में मिला था। जांच के दौरान सामने आया कि 22 अक्टूबर की रात गाली-गलौज को लेकर हुए विवाद में रंजीत धनुहार ने कथित तौर पर लक्ष्मीन बाई के साथ हाथ-मुक्कों और आग जलाने वाली लकड़ी से मारपीट की थी। महिला की मौत के बाद शव को खेत से ले जाकर उनके घर की परछी में रखे जाने की बात भी सामने आई। घटना के बाद से आरोपी फरार था।
मुखबिर की सूचना पर जंगल में दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर आरोपी की तलाश शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चंद्रपुर (डभरा) सुमित गुप्ता के मार्गदर्शन में पुलिस टीम लगातार उसकी पतासाजी कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर की दरम्यानी रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी खुर्सुला-बकलीपाली क्षेत्र के जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद हसौद पुलिस ने मौके पर दबिश देकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मारपीट की बात स्वीकारने का दावा
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने गाली-गलौज के विवाद में महिला के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।