गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था के तहत रकबा समर्पण की प्रक्रिया जोरों पर है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, इस वर्ष प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल (लिंकिंग सहित) धान बेचने की सीमा तय की गई है, और किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। जिला प्रशासन ने किसानों को उनके वास्तविक बोए गए रकबे के अनुसार ही धान बेचने के निर्देश दिए हैं, साथ ही अवशेष रकबे का समर्पण अनिवार्य किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसान अपने वास्तविक बोए गए रकबे के अनुसार ही धान विक्रय करें तथा अवशेष रकबे का समर्पण अनिवार्य रूप से करें। प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद किसान तेजी से रकबा समर्पण कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की 19 समितियों में अब तक 748 किसानों द्वारा कुल 35.4409 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया जा चुका है। समितिवार रकबा समर्पण का विवरण इस प्रकार से है...आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गौरेला 32 किसान, 0.3089 हेक्टेयर। भर्रीडांड़ – 1 किसान, 0.0230 हेक्टेयर, धनौली – 22 किसान, 1.4590 हेक्टेयर, मरवाही – 26 किसान, 1.6730 हेक्टेयर, नवागांव पेंड्रा – 88 किसान, 4.1310 हेक्टेयर, मेढुका – 58 किसान, 3.0700 हेक्टेयर, सिवनी – 37 किसान, 0.9739 हेक्टेयर, खोडरी – 27 किसान, 0.4100 हेक्टेयर, कोडगार – 22 किसान, 1.1520 हेक्टेयर, पेंड्रा समिति – 98 किसान, 6.5076 हेक्टेयर, लालपुर – 59 किसान, 2.2694 हेक्टेयर, देवरीकला – 55 किसान, 3.7786 हेक्टेयर, जोगीसार – 2 किसान, 0.0220 हेक्टेयर, तरईगांव – 34 किसान, 1.5230 हेक्टेयर, बंशीताल – 24 किसान, 2.7824 हेक्टेयर, तेंदुमुड़ा – 16 किसान, 0.8650 हेक्टेयर, लरकेनी – 76 किसान, 2.4621 हेक्टेयर, वहीं प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जी रकबा विक्रय रोकने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है। आगामी दिनों में भी समितियों द्वारा रकबा समर्पण व सत्यापन की कार्रवाई जारी रहेगी।