कहते है जिनके सिर पर माता पिता का हाथ रहता है, वे बच्चे बहुत किस्मत वाले होये है,लेकिन कई बच्चे ऐसे होते है जिनके ऊपर से माता पिता का छाया उठ जाता है। धमतरी जिले में ऐसे बच्चों का भविष्य संवारने शिक्षक आगे आये है।नगरी क्षेत्र के कुछ शिक्षकों ने गुरुछाया नाम से संगठन बनाया है। जो माता पिता से वंचित बच्चों की शिक्षा से लेकर रोजगार तक के लिए मदद कर रही है।जिसको लेकर आज कुकरेल के शासकीय शाला में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहाँ माता पिता से वंचित लगभग 50 बच्चो का सम्मान कर उन्हें शिक्षा में काम आने वाले जरूरी संसाधन उपलब्ध कराया गया।इस संस्था के इस नेक पहल की अब तारीफ होने लगी है।गुरुछाया संस्था ने बताया कि माता-पिता को खोने के बाद कई बच्चे शिक्षा से भी वंचित हो जाते है।ऐसे बच्चों की मदद कर उन्हें मोटिवेट करने का काम उनकी संस्था करेगी और संस्था के द्वारा ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए पूरा सहयोग किया जाएगा।इसके साथ ही ऐसे बच्चे जो अपने हुनर को निखारने के लिए प्रशिक्षण हासिल करना चाहेंगे,उन्हें हुनरमंद बनाने प्रशिक्षण दिया जाएगा।इसके अलावा भी इन बच्चों की जिस क्षेत्र में रुचि होगी, उस क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ाने पूरा सहयोग किया जाएगा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथिक रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सर्वा, कार्यक्रम की अध्यक्षता के.आर. साहू के द्वारा किया गया।वही विशिष्ट अतिथि के रूप में महेश गोटा (अध्यक्ष जनपद पंचायत नगरी), हृदय लाल साहू (उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नगरी) व अन्य उपस्थित रहे।गुरुछाया संस्था के संरक्षक कलीराम साहू व प्रकाश चंद्र साहू है। मार्गदर्शन एवं कार्यकारिणी में महेंद्र सिंह मरकाम, प्रेमलता ध्रुव, अर्चना नेताम, अर्चना साहू, मोहन सिंह, महेंद्र कुमार बोरझा है। वही कुकरेल जोन से राजेश कुमार बैस, मीनेश कुमार अग्रवाल, वीरेंद्र कुमार श्रीवास, रतिराम मरकाम, श्रवण कुमार देवांगन, गट्टासिल्ली जोन में कंचन सिंह सूर्यवंशी, उत्तम मंडावी, दुगली जोन से ललित सोम, महेश कोसरे, नगरी जोन में एसके प्रजापति, लोचन साहू, सांकरा जोन में अनिभाअग्रवाल, दिनेश ताम्रकार, सिहावा जोन में सीताराम साहू, बलराम देवांगन तथा बेलरगांव जोन से प्रेमचंद झा, चम्पेश्वर साहू को शामिल हुए थे।