धमतरी जिला पंचायत में आज सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई लेकिन इस बैठक में सत्ता पक्ष के ही 8 सदस्य नही पहुँचे।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वन सभापति ही आये थे।दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित दो जिला पंचायत सदस्यों ने 15वे वित्त राशि आवंटन में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।ऐसे में कोरम पूरा नही होने से बैठक को स्थगित करना पड़ा।वही बैठक में सत्तापक्ष के सदस्यों का नही आना राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है।जिसे लेकर अब तरह तरह की चर्चा होने लगी है।बता दें कि जिला पंचायत में सामान्य सभा की तीसरी बार बैठक बुलाई गई। इस बार भी बैठक नहीं हो पाई।सबसे पहले 17 जुलाई फिर 23 जुलाई की बैठक स्थगित हुई थी।तीसरी बार 28 जुलाई को सामान्य सभा की बैठक रखी गई थी,जिसमे भाजपा समर्थित 8 जिला पंचायत सदस्य नही पहुँचे।जबकि कांग्रेस समर्थित दो जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।उनका आरोप है कि उनके साथ 15वे वित्त की राशि और अन्य कामों के लिए भेदभाव किया जा रहा है।गौरतलब है कि इस बार जिला पंचायत में बहुमत के साथ भाजपा सत्ता में आई है,इसके बाद भी भाजपा समर्थित सदस्यों का बैठक में नही आना चर्चा का विषय बना हुआ है।इसके साथ ही आपसी तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहा है,वही इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि सावन सोमवार होने के कारण कई सदस्य विभिन्न कार्यक्रमों के चलते शामिल नही हो पाए।कहा कि सामान्य सभा की बैठक के लिए जल्द नई तिथि तय की जाएगी,दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कांग्रेस सदस्यों के आरोपो को बेबुनियाद बताया।फिलहाल जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि बैठक नही होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।