सरगुजा जिला के अंबिकापुर शहर के डीसी रोड निवासी एवं माहुले क्लीनिक के संचालक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुर्गा प्रसाद माहुले ने मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए मरणोपरांत अपना शरीर मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर को दान कर दिया। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार डॉ. माहुले ने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था, ताकि उनके निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों की पढ़ाई और शोध कार्य में उपयोग हो सके। उनके निधन के बाद परिवार के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के डीन और स्टाफ की उपस्थिति में पार्थिव शरीर सौंपते हुए औपचारिक प्रक्रिया पूरी की।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से परिवार को देहदान का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। डॉ. दुर्गा प्रसाद माहुले अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में पत्नी शकुन्तला माहुले, जो सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक हैं, के अलावा तीन पुत्र अभिनव माहुले, डॉ. अनुभव माहुले और अभिनय माहुले, उनकी पुत्रवधुएं तथा नातिन शामिल हैं।
परिजनों ने बताया कि डॉ. माहुले जीवनभर मरीजों की सेवा के लिए समर्पित रहे और समाज सेवा को ही अपना धर्म मानते थे। उनके देहदान के निर्णय को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के अधिकारियों ने भी डॉ. माहुले के इस महान निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि उनका देहदान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। उनका यह कदम समाज में देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी प्रेरक सिद्ध होगा।