सिखों के 9वें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन करते हुए चंडीगढ़ नगर निगम के पूर्व मेयर एवं चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह ने सोमवार को मनीमाजरा में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरु तेग बहादुर जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उनकी अमर शहादत को स्मरण करने के साथ हुई। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह के साथ जिला कांग्रेस के प्रधान सरजीत सिंह ढिल्लों, ब्लॉक प्रधान संजीव गाबा, ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसएस. परवाना, आरपी. शर्मा, अवतार सिंह सैनी, बुआ सिंह, सतीश कुमार, राजवीर सिंह भारतीय, रामप्रकाश चौधरी, धर्म सिंह, शाम सिंह सहित कई सामाजिक व कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान गुरु तेग बहादुर जी द्वारा मानवता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए सामूहिक पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि औरंगजेब के दौर में जब हिंदुओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए विवश किया जा रहा था, तब कश्मीरी पंडितों की पुकार पर गुरु तेग बहादुर जी ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपने प्राण न्योछावर कर संपूर्ण मानवता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी इन महान बलिदानों से धीरे-धीरे दूर होती जा रही है, इसलिए सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे गुरुओं व महापुरुषों के त्याग को शैक्षिक पाठ्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्मृति दिवसों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाए। सुरेंद्र सिंह ने संदेश दिया कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत सिर्फ सिख धर्म की नहीं, बल्कि मानवता, भाईचारा और राष्ट्र के सम्मान की शहादत है। उन्होंने कहा कि अगर हम आने वाली पीढ़ियों को इन आदर्शों से जोड़े रखें, तो देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी मिलकर प्रेम, सम्मान और एकता के साथ आगे बढ़ सकते हैं। वहीं जिला कांग्रेस के प्रधान सुरजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि दुनिया में मानवता को बचाने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दी गई शहादत से बढी कोई शहादत नहीं है। कार्यक्रम के समापन प सभी उपस्थित लोगों ने समाज में पारस्परिक सद्भाव और मानवता को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया।