सासाराम जिले में आयोजित होने वाला जनता दरबार फरियादियों के अनुसार महज एक औपचारिकता बनकर रह गया हैं। प्रत्येक सप्ताह डीएम के जनता दरबार में सैंकड़ो मामलों की सुनवाई की जाती है, लेकिन निर्देश के बावजूद भी समस्याओं का समाधान सिर्फ कागजों तक हीं सिमट जाता है। संबंधित विभाग के अधिकारी समस्याओं के समाधान में कोई रुचि नहीं दिखाते, लिहाजा पीड़ितों को लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। हालांकि डीएम के स्तर से मामले के निष्पादन के लिए निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों के ढुलमुल रवैए से फाइलें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर तक दौड़ती रहती हैं।